आ सखी चुगली करें, इक नहीं दुई चारन की करें..
पति परमेश्वर की करें, बैठें हम सब सखी हाथ माँ हाथ डारे....
बैठहिं अमवा तले या, किसी गलियाँ या, कोंहू के पनघट किनारे....
आ ना सखी चुगली करें, सास, ननद,सौतन डायन की करें ...
आज हमहूँ समझे सखी, तुम्हारी सेहत का राज, क्या करिए ...
हमहें बना लो चेरी अपनी, गुण चुगली के कुछ सिखलाओ हमें,
तुमरी भी चुगली ना करें जो, कमहू ना समझो तोसे, सखी हमें ....रामेश्वरी (स्पर्धा)
पति परमेश्वर की करें, बैठें हम सब सखी हाथ माँ हाथ डारे....
बैठहिं अमवा तले या, किसी गलियाँ या, कोंहू के पनघट किनारे....
आ ना सखी चुगली करें, सास, ननद,सौतन डायन की करें ...
आज हमहूँ समझे सखी, तुम्हारी सेहत का राज, क्या करिए ...
हमहें बना लो चेरी अपनी, गुण चुगली के कुछ सिखलाओ हमें,
तुमरी भी चुगली ना करें जो, कमहू ना समझो तोसे, सखी हमें ....रामेश्वरी (स्पर्धा)
mat karana chugli kisi ki
ReplyDeletebehram duniya hai mar padegi usiki.
ye fitrat duniya ki hai fir bhi chugli karte hain usiki.