मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
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Monday, February 2, 2015
क्या करूँ? उस
कब्र का . ..
जिनमे हम दफ़न नहीं।
जमाना आया मय्यत पर मेरी। .
बस मुझ ही को खबर नहीं !!!! रामेश्वरी।
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