जी करता है...
मै भी,
रोड पर बैठ केले बेचूं..
( अपनी पास कहाँ, किसी मर्ज का इलाज है!!! ?)
भरी दोपहरी में..छत्री के नीचे बैठ..
अन्ना या बाबा की तरह सोचूं...
कर लूं , किसी ज्वलंत मुद्दे पर भूख हड़ताल ,
मच जाए जिसके कारण , विश्व भर में बवाल..
कुछ तो चलेंगे मेरे पीछे भी.. भेडचाल... DEEPAK PAHALWAN
मै भी,
रोड पर बैठ केले बेचूं..
( अपनी पास कहाँ, किसी मर्ज का इलाज है!!! ?)
भरी दोपहरी में..छत्री के नीचे बैठ..
अन्ना या बाबा की तरह सोचूं...
कर लूं , किसी ज्वलंत मुद्दे पर भूख हड़ताल ,
मच जाए जिसके कारण , विश्व भर में बवाल..
कुछ तो चलेंगे मेरे पीछे भी.. भेडचाल... DEEPAK PAHALWAN