ख़ुशी मेरी मज़ार पर रोई न होती . .
दुःख य़ू खिलखिला कर हंसा न होता
दुःख य़ू खिलखिला कर हंसा न होता
गर...................)))))))))))))))))))
एक रुपैया इमानदारी से कमाया होता.
आज मैं अपनों से यूँ तो पराया न होता ..
इतनी गहरी नीद सोया क्यूँ.
आज इस कब्र मैं तनहा लेटा न होता.
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