समीप सागर के खड़े हो...
गहराई मापना चाहते थे हम...
सागर है कि, हमें निगल बैठा...
और कहता रहा यही...
मापनी है गहराई प्रेम की..
तो ए आशिक पूरा डूब कर देख......रामेश्वरी
गहराई मापना चाहते थे हम...
सागर है कि, हमें निगल बैठा...
और कहता रहा यही...
मापनी है गहराई प्रेम की..
तो ए आशिक पूरा डूब कर देख......रामेश्वरी
