मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
Search My Blog
Sunday, September 9, 2012
अब तो चेहरे पर नित नया मुखौटा रखने की हमें आदत हो गयी...
आलम देखिये, खुद को भी हम आएना निहारने पर पहचानते नहीं..........रामेश्वरी
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment