अक्सर सुना है संगत का असर होता है..
धरती के करीब रहकर, सागर खारा क्यूँ..
बदलियों के आंसुओं से, मीठा दरिया क्यूँ ...
लिपट संग सर्प, चन्दन में इतनी महक क्यूँ..शु प्रभात रामेश्वरी
धरती के करीब रहकर, सागर खारा क्यूँ..
बदलियों के आंसुओं से, मीठा दरिया क्यूँ ...
लिपट संग सर्प, चन्दन में इतनी महक क्यूँ..शु प्रभात रामेश्वरी
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