Search My Blog

Saturday, February 25, 2012

मेरे अश्रू इतने खारे कैसे...
समंदर में नहाई कभी नहीं..
गुज-राजस्थान से नमक की ..
आंधी यहाँ तक कभी आई नहीं.........
बस यही इक बात समझ आई नहीं ..........
यह नमकीन हवा बही किधर से ....

No comments:

Post a Comment