वो चूर था नशे में दौलत के..
मुफलिसों को वो रौंदता गया ..
ज्यूँ गरीब चींटी समान ...
नशा गुरुर मिटटी में मिला जब...
जब मुफलिस संग रोशन चिराग..
खुद मगरूर का बुझ गया....(रामेश्वरी)
मुफलिसों को वो रौंदता गया ..
ज्यूँ गरीब चींटी समान ...
नशा गुरुर मिटटी में मिला जब...
जब मुफलिस संग रोशन चिराग..
खुद मगरूर का बुझ गया....(रामेश्वरी)
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