इन बुतों में कलाकार, दिल ना तराश.
रंगे हैं यह मैंने बड़े अहंकार से ..
दौलत की चमक दमक रंगीनियों से ..
दिल पथहर सही है इनका..
गर भावुक हो रो पड़े, रंग होंगे फिर फीके से .....
रंगे हैं यह मैंने बड़े अहंकार से ..
दौलत की चमक दमक रंगीनियों से ..
दिल पथहर सही है इनका..
गर भावुक हो रो पड़े, रंग होंगे फिर फीके से .....
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