ढाई आखर |
प्रेम या हवस |
समझ आई ?
मेल -जुदाई |
कितनी गहराई |
पीर पराई||
डुबो ना इसमें |
जो डूबा तर आई
किनारा राखो ||
|
छूत बीमारी ||
बौराए भरमाये |
मती है मारी ?
अपना देश |
अपना बिसराए |
पूँछ पराई ?
तीज अपने |
अपना ज्ञान नहीं |
पराये ढोल ?
(रामेश्वरी ) (हायकू विधि
प्रेम या हवस |
समझ आई ?
मेल -जुदाई |
कितनी गहराई |
पीर पराई||
डुबो ना इसमें |
जो डूबा तर आई
किनारा राखो ||
|
छूत बीमारी ||
बौराए भरमाये |
मती है मारी ?
अपना देश |
अपना बिसराए |
पूँछ पराई ?
तीज अपने |
अपना ज्ञान नहीं |
पराये ढोल ?
(रामेश्वरी ) (हायकू विधि
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