मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
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Monday, February 20, 2012
पुष्प
भंवरा पुष्प पर मंडराए ..
मधुमक्खी चुराए पराग ...
फर्क क्या, समझ ना आये ..
दोनों ही तो पुष्प पर हो मोहित ..
मंडराए, गाते हुए मधुर राग .....
अंतर शायद यही है दोनों का..
एक शहद घोले जीवन में ....
दूसरा मर मिटे पुष्प पर यूँ ही ............
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