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Wednesday, February 15, 2012

भारत माता

माँ का ममता भरा आँचल छोड़..
भारत माता का काँटों भरा आँचल लिया..
आज रोती होगी आत्मा भी उनकी शायद..
देख भरष्ट तंत्र, ये हमने था क्या किया...
इसी आज़ादी को पाने हमने, सर्वस्य त्यागा था. ..
जिसके लिए वीरों ने किये, अपने प्राण आगे थे..
मिटा अपना यौवन शहीदों ने, माँ का आंचल बचाया ..
आज उसी शहीदों की शहादत पर, कसाब को बचाया ..
तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा, नारा था ...
मैं भ्रस्त था और भ्रस्त ही रहूँगा . आज का नारा है ..
ये माँ उन शहीदों की थी, इसकी लाज बचाना जिम्मा हमारा है..............रामेश्वरी

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