मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
Search My Blog
Saturday, February 25, 2012
था दिल हमारा भी मोम सा, कदम रखे थे हमने ..
जब बुतों के शहर में ..
हर ठोकर पर हमने, देखो तराशा इक नया पत्थर दिल..
बुत भीतर अपने...............(रामेश्वरी)
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment