सुबह से खड़ा हूँ तेरी खिड़की तले , एक बार तेरी सूरत दिख जाए, !
रहूँगा वंही तेरे दीदार तक, जालिम , चाहे सूरज डूबे या चाँद उग आये !
काटकर हथेली पे तेरा नाम लिख दिया है खूने जिगर की स्याही से,
जोर से चीख कर आई लव यू कहता. डर है, सुनकर तेरा बाप न आ जाए !!
(from एक छिछोरा आशिक ..)
रहूँगा वंही तेरे दीदार तक, जालिम , चाहे सूरज डूबे या चाँद उग आये !
काटकर हथेली पे तेरा नाम लिख दिया है खूने जिगर की स्याही से,
जोर से चीख कर आई लव यू कहता. डर है, सुनकर तेरा बाप न आ जाए !!
(from एक छिछोरा आशिक ..)
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