देखूं जब जब पिया तुम्हें, मेरी शामें हुई मतवाली हैं..
जब२ निकट मेरे, बैरन सौतन से बतियाएं, लागे ज्यूँ ....
गुलाबी रंगत गालों की, जलन मा होत जात काली हैं
जब२ निकट मेरे, बैरन सौतन से बतियाएं, लागे ज्यूँ ....
गुलाबी रंगत गालों की, जलन मा होत जात काली हैं
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