उडती हवा ..
रंगीन है फिजा ये..
मन बेचैन.....
चुप हो तुम ..
चुप से हैं हम भी ..
ये है शोर क्यूँ .....
फूल खिले हैं ..
कांटे रक्षा को तने .
प्रेम हो तो यूँ .......
ये मधुमास ..
गयी खिज़ा है अभी ..
मिलन की आस ........
..........रामेश्वरी (हायकू)
रंगीन है फिजा ये..
मन बेचैन.....
चुप हो तुम ..
चुप से हैं हम भी ..
ये है शोर क्यूँ .....
फूल खिले हैं ..
कांटे रक्षा को तने .
प्रेम हो तो यूँ .......
ये मधुमास ..
गयी खिज़ा है अभी ..
मिलन की आस ........
..........रामेश्वरी (हायकू)
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