फूल मुस्कुरा कर खिला रहता है..
महक अपनी उड़ा देता दूसरों के लिए!
दिया तिलतिल जलता रहता है..
देता रहे रौशनी करने रोशन आँगन दूसरों के लिए!
लो आज हमने भी उड़ा दी हंसी अपनी...
फूँक दिया घर, करने रोशन मोहल्ला अपना!...........रामेश्वरी
महक अपनी उड़ा देता दूसरों के लिए!
दिया तिलतिल जलता रहता है..
देता रहे रौशनी करने रोशन आँगन दूसरों के लिए!
लो आज हमने भी उड़ा दी हंसी अपनी...
फूँक दिया घर, करने रोशन मोहल्ला अपना!...........रामेश्वरी
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