जहाँ दिखे लाल परी...
वहीँ आँखें ठहरी हैं..
जहाँ बंटे हरे हरे नोट हैं..
वहीँ ठ़प से पड़े वज़नदार वोट हैं ..
कैसे कहेंगे फिर आप दोस्तों...?
कि नेता की ईमान में खोट है ..?
वहीँ आँखें ठहरी हैं..
जहाँ बंटे हरे हरे नोट हैं..
वहीँ ठ़प से पड़े वज़नदार वोट हैं ..
कैसे कहेंगे फिर आप दोस्तों...?
कि नेता की ईमान में खोट है ..?
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