कैसे वो पहन खादी, लगा कला चश्मा ...
दुनिया को अंधकारमय देखना चाहते हैं..
पर उनके काले चश्मे से भी दुनिया देखो..
कितनी उज्जवल धवल दिखती है.........
ये तो मन की कालिख है जो उज्जवल चश्मे ..
पर उनके चिपके खड़ी है.....रामेश्वरी
दुनिया को अंधकारमय देखना चाहते हैं..
पर उनके काले चश्मे से भी दुनिया देखो..
कितनी उज्जवल धवल दिखती है.........
ये तो मन की कालिख है जो उज्जवल चश्मे ..
पर उनके चिपके खड़ी है.....रामेश्वरी
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