अंधेरों से करो न दिल्लगी ....
पर्दानशी करे वो ज़माने की गंदगी .....
रोशनी पे करो न यूं तुम गुमां..
भोर होते ही वो उज्जागर करे..
दरिंदो की दरिंदगी..........रामेश्वरी
पर्दानशी करे वो ज़माने की गंदगी .....
रोशनी पे करो न यूं तुम गुमां..
भोर होते ही वो उज्जागर करे..
दरिंदो की दरिंदगी..........रामेश्वरी
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