Search My Blog

Wednesday, January 11, 2012

पलकें मेरी झट से झुक गयीं...
जाने वो नूर तेरी खूबसूरती का था..
या चकाचोंध रोशनी लटके बनावटी गहनों .
की थी...
या तेज था तेरे ज्ञान का फैला चहुँ ओर..

(अब यह आपके ऊपर निर्भर करता है की आप ज़िन्दगी में किसी तेज ओर नूर को महत्व देते हैं....रामेश्वरी )

No comments:

Post a Comment