उसकी नफरत का पता उसे होगा...
हम अपनी मोहब्बत का ठिकाना जानते हैं...
गए वो किस किस के द्वार वो जाने....
वो मेरे खुदा, है उसके दर पर जन्नत मानते हैं .....रामेश्वरी
हम अपनी मोहब्बत का ठिकाना जानते हैं...
गए वो किस किस के द्वार वो जाने....
वो मेरे खुदा, है उसके दर पर जन्नत मानते हैं .....रामेश्वरी
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