मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
Search My Blog
Monday, July 2, 2012
ऐ नदिया मुझे संग लेकर बह चल...
अपने किनारों से टक्करा कर...
जिंदा होने का एहसास चाहती हूँ मैं....रामेश्वरी
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment