हमने तो वक़्त से थोड़ी सी फरमाइश ही की थी....
क्या जानते थे हम, वक़्त ने आजमाईश हमारी की थी.........
हमें रोकने की वक़्त ने नाकाम कोशिशें की थी...
उलटी सुइयां घुमा कर घडी की,
वक़्त दुनिया का बदलने की नासमझी हमने भी की थी...............
.रामेश्वरी
क्या जानते थे हम, वक़्त ने आजमाईश हमारी की थी.........
हमें रोकने की वक़्त ने नाकाम कोशिशें की थी...
उलटी सुइयां घुमा कर घडी की,
वक़्त दुनिया का बदलने की नासमझी हमने भी की थी...............
.रामेश्वरी
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