जब से खुद को सामान का दर्जा दिया...
कितने ही खरीदार हाट लिए खडे हुए...
जब से कहा खुद को जीता जागता इंसान...
सारे रिश्ते ही लगे जैसे सोने पे तांबा जड़े हुए......रामेश्वरी ..
कितने ही खरीदार हाट लिए खडे हुए...
जब से कहा खुद को जीता जागता इंसान...
सारे रिश्ते ही लगे जैसे सोने पे तांबा जड़े हुए......रामेश्वरी ..
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