मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
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Thursday, July 5, 2012
मैं वो खोटा सिक्का हूँ, जिसका पहलु एक ही रहा...
फिर भी लालच गया नहीं, लोग मेरी कीमत जांचते रहे......रामेश्वरी
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