रोने दो मुझे आज जी भर के...
ह्रदय की ज़मीन बरसों से सूखी है...
ऐ बादल तू क्या देगा नैनो को पानी मेरे...
तू खुद इस धरती के लोगो से दुखी है....
.रामेश्वरी
ह्रदय की ज़मीन बरसों से सूखी है...
ऐ बादल तू क्या देगा नैनो को पानी मेरे...
तू खुद इस धरती के लोगो से दुखी है....
.रामेश्वरी
No comments:
Post a Comment