नैनो में भरो प्रेम, हवस नहीं..
रोशन ये नूर से ईश्वर के...
डारो इनमे तमस नहीं...
क्यूंकि ये आएना है इंसान के..
वयक्तित्वा का..
झलकता है सब इनसे...
नाश करो तामसिक प्रवृति का ..रामेश्वरी
रोशन ये नूर से ईश्वर के...
डारो इनमे तमस नहीं...
क्यूंकि ये आएना है इंसान के..
वयक्तित्वा का..
झलकता है सब इनसे...
नाश करो तामसिक प्रवृति का ..रामेश्वरी
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