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Monday, May 14, 2012

हर बार टूटते हुए तारों ने कहा मुझसे...
देखा न कर आसमान की ओर...
गर तुझमे हिम्मत ओर प्रकाश न हो....
बुझते तारों को तो ...
ये आसमान भी अपनी झोली नहीं देता...........रामेश्वरी

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