वो जो बहुत अकड़ा रहा करता था....
आज भी अकड़ा है, पर्र्रर्र्र्रर्र्र
आज अकड़न भीतर उसके रक्त की शीतलता की....
आज जकड़न चहुँ ओर उसके, मौत की.........................राम ेश्वरी
आज भी अकड़ा है, पर्र्रर्र्र्रर्र्र
आज अकड़न भीतर उसके रक्त की शीतलता की....
आज जकड़न चहुँ ओर उसके, मौत की.........................राम
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