आम आदमी को बना आम..
रसीले मेहरबान खुद बने हैं..
कैसे कहें इस देश के नेता ..
अब महान कैसे कैसे बने हैं?
कोई चिर निंद्रा सोता वहां..
कोई खोया रंगीन चलचित्र में..
जब कुछ और न मिला तो...
दो प्रतिस्पर्धी नारियों को ..
मनोरंजन को वहां बैठा दिया ...
अब रंगीन चलचित्र नहीं..
सीधा प्रसारण देखेंगे ...
दबा सड़ा कर अनाज गोदामों में ..
खुद चारा भी चर जाते हैं..
आम आदमी की आम ज़िन्दगी ..
क्यूँ चखेंगे वो...
आम आदमी बस फुटपाथों..
में फेंके जाते हैं ...
अब तो राखी सावंत को भी ..
संसद में सम्मानिये न्यौते भेजे जाते हैं ...
आम आदमी के घरेलू झगडे टीआरपी पाने को..
सारे आम किये जाते हैं...
बड़े बड़े घोटालों पर नकाब किये जाते हैं..
बड़े बड़े दबंग अब जेलों में कहाँ..
वो तो संसद में भेजे जाते हैं..
राजनीति, राजनीति कहाँ ..
बस गलत नीतियों का राज है...
अब कैसे कहें कैसे कैसे..
महानुभावों के ताज सजाये जाते हैं............रामेश्वरी
रसीले मेहरबान खुद बने हैं..
कैसे कहें इस देश के नेता ..
अब महान कैसे कैसे बने हैं?
कोई चिर निंद्रा सोता वहां..
कोई खोया रंगीन चलचित्र में..
जब कुछ और न मिला तो...
दो प्रतिस्पर्धी नारियों को ..
मनोरंजन को वहां बैठा दिया ...
अब रंगीन चलचित्र नहीं..
सीधा प्रसारण देखेंगे ...
दबा सड़ा कर अनाज गोदामों में ..
खुद चारा भी चर जाते हैं..
आम आदमी की आम ज़िन्दगी ..
क्यूँ चखेंगे वो...
आम आदमी बस फुटपाथों..
में फेंके जाते हैं ...
अब तो राखी सावंत को भी ..
संसद में सम्मानिये न्यौते भेजे जाते हैं ...
आम आदमी के घरेलू झगडे टीआरपी पाने को..
सारे आम किये जाते हैं...
बड़े बड़े घोटालों पर नकाब किये जाते हैं..
बड़े बड़े दबंग अब जेलों में कहाँ..
वो तो संसद में भेजे जाते हैं..
राजनीति, राजनीति कहाँ ..
बस गलत नीतियों का राज है...
अब कैसे कहें कैसे कैसे..
महानुभावों के ताज सजाये जाते हैं............रामेश्वरी
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