Search My Blog

Monday, March 5, 2012

मेहंदी में रंगत तेरी, चूड़ियों मैं झंकार तेरी है ..
बिंदिया की कुमकुम, पायल की छुम छुम तेरी है ..

तुझ से ही दुल्हन में, मेरा सोलह श्रृंगार तुझी से है..
श्वेत से दामन पर मेरे, धवल रंग रंगा तुझी से है ..

गालों पर गुलाबी रंगत, छूँअन से आई तेरे है ..
प्रियतम देखो,टिमतिमाते तारों के डारे हमने फेरे है .........

लटों पर मेरी, हीरे सी उज्जवल बूँदें सावन की नहीं ...
रोये फूट२ रति कामदेव भी, बिदाई पर मेरे हैं.....

No comments:

Post a Comment