मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
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Wednesday, March 28, 2012
समय
हर चीज जो फिसले हथेलियों से...
रेत तो नहीं होती.......
होता है कभी२ तकाजा वक़्त का भी..
हाथ आकर भी ठहरा नहीं..........
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