मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
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Monday, March 5, 2012
लफ्ज
चंद लफ्जों ने ही इतिहास रचे..
लफ्ज ही बनाये ग्रन्थ कई ...
चंद लफ्जों ने महाभारत रची ..
लफ्जों से ही ईमारत खड़ी ..
चंद लफ्ज ही ढहा देते घर कई...
लफ्जों से किसी ने आत्मीयता पायी..
लफ्जों ने करे ख्वाब कितने धराशायी....रामेश्वरी
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