रोते को हँसाना, रूठे को मानना,
कितना मुश्किल है................
सच बोलना, झूठों की पोल खोलना ...
कितना मुश्किल है ................
मृत प्राण लाना आसान, ईमान जगाना....
कितना मुश्किल है...................
सावन लाना आसान, अहंकारी अंधे को दुनिया दिखाना ...
कितना मुश्किल है..................
अंगूठा लगाना आसान, गदी से चिपके हुओं को उठाना ..
कितना मुश्किल है....
संत का प्रवचन आसान, मुखौटे ओडे नेता का प्रवचन सुनना ....
कितना मुश्किल है......................
नफरत का बीज बोना आसान, प्रेम वृक्ष सींचना .......
कितना मुश्किल है........................
(रामेश्वरी)......एक बार करके देखें....
कितना मुश्किल है................
सच बोलना, झूठों की पोल खोलना ...
कितना मुश्किल है ................
मृत प्राण लाना आसान, ईमान जगाना....
कितना मुश्किल है...................
सावन लाना आसान, अहंकारी अंधे को दुनिया दिखाना ...
कितना मुश्किल है..................
अंगूठा लगाना आसान, गदी से चिपके हुओं को उठाना ..
कितना मुश्किल है....
संत का प्रवचन आसान, मुखौटे ओडे नेता का प्रवचन सुनना ....
कितना मुश्किल है......................
नफरत का बीज बोना आसान, प्रेम वृक्ष सींचना .......
कितना मुश्किल है........................
(रामेश्वरी)......एक बार करके देखें....
No comments:
Post a Comment