मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
Search My Blog
Thursday, December 15, 2011
अनाथ बच्ची ने चाहा तन ढकना अपना..
माँगा उसने भीख में वस्त्र इक रईस से....
वो चादर भी क्या ठाकती उसमे छेद थे..
रईस की नीयत के भी खोलती वो कई भेद थे.....रामेश्वरी
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment