कहते है इश्क रब है...
तो उसे दे फांसी लटकाया क्यूँ गया?
कहते हैं इश्क बेजुबान है...
उसका चर्चा गली गली उड़ाया क्यूँ गया?
कहते हैं इश्क हीर है राँझा है...
फिर उन्हें पठरों से मारा क्यूँ गया?
कहते है इश्क इबादत है..
इसकी इबादत से सबको फिर, दूर रखा क्यूँ गया?
कहते हैं इश्क में दिल इक मंदिर है...
फिर इसमें किसी देवता को क्यूँ बसाने ना दिया गया?
कहते हैं इश्क में अनारकली चिन्वायी गयी...
उस सच्चे प्यार को फिर दरो दिवार से रिहा क्यूँ ना किया गया?
कहते हैं सच्चा इश्क खुदा की नेमत है...
इस नेमत से हर किसी का रूख मोड़ा क्यूँ गया?.............
कहते हैं इश्क इक दरिया है ....
इसमें सच्चे आशिकों को फिर सोहनी महिवाल जैसे बहाया क्यूँ गया?..............रामेश्वरी
तो उसे दे फांसी लटकाया क्यूँ गया?
कहते हैं इश्क बेजुबान है...
उसका चर्चा गली गली उड़ाया क्यूँ गया?
कहते हैं इश्क हीर है राँझा है...
फिर उन्हें पठरों से मारा क्यूँ गया?
कहते है इश्क इबादत है..
इसकी इबादत से सबको फिर, दूर रखा क्यूँ गया?
कहते हैं इश्क में दिल इक मंदिर है...
फिर इसमें किसी देवता को क्यूँ बसाने ना दिया गया?
कहते हैं इश्क में अनारकली चिन्वायी गयी...
उस सच्चे प्यार को फिर दरो दिवार से रिहा क्यूँ ना किया गया?
कहते हैं सच्चा इश्क खुदा की नेमत है...
इस नेमत से हर किसी का रूख मोड़ा क्यूँ गया?.............
कहते हैं इश्क इक दरिया है ....
इसमें सच्चे आशिकों को फिर सोहनी महिवाल जैसे बहाया क्यूँ गया?..............रामेश्वरी
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