जो साथ बैठे किनारों के..
वो किनारे ही रह गए...
जो हमराज हमराही बने..
वो दरिया के साथ बहते ...
मंजिल तक पहुँच गए...रामेश्वरी...
KEEP FLOWING FRIENDS ....
जो बहते हैं वही अपनी गंदगी किनारे करते जाते हैं...
जो ठहरे रहे वो कीचड बन गंद खुद में समां जाते हैं...
वो किनारे ही रह गए...
जो हमराज हमराही बने..
वो दरिया के साथ बहते ...
मंजिल तक पहुँच गए...रामेश्वरी...
KEEP FLOWING FRIENDS ....
जो बहते हैं वही अपनी गंदगी किनारे करते जाते हैं...
जो ठहरे रहे वो कीचड बन गंद खुद में समां जाते हैं...
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