मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
Search My Blog
Monday, November 28, 2011
आज फिर सर्द धरती पर तेरी धूप चाही थी....
पर आज तू भी दिखा मुझे...
तनहाइयों के बादलों में ढका२ सा....रामेश्वरी
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment