सास और सास में फर्क इतना..
जितना कनक कनक में..
मनका मनका में...
बहु की सास, जमाई की सास में ..
जमाई करे बेटी सेवा सास फुला ना समाये है..
बेटा करे बहु सेवा जहाँ सर पर उठाए है....
बेटी को जन्नत मिले..
बहु को जहनूम दिखाए है...
बेटी रानी राज करे...
बहु नौकरानी बनाये है..
उस दिन इस धरती पर स्वर्ग होगा..
जब बेटी बहु में फर्क नहीं रती भर होगा....रामेश्वरी .......समाज की इक sankiran सोच ..जिससे सभी स्त्रियों को उभरना चाहिए...तभी घर स्वर्ग बनते हैं......स्त्रियों पर अत्याचार पहले स्त्री ही करती है..पुरुष नहीं...
जितना कनक कनक में..
मनका मनका में...
बहु की सास, जमाई की सास में ..
जमाई करे बेटी सेवा सास फुला ना समाये है..
बेटा करे बहु सेवा जहाँ सर पर उठाए है....
बेटी को जन्नत मिले..
बहु को जहनूम दिखाए है...
बेटी रानी राज करे...
बहु नौकरानी बनाये है..
उस दिन इस धरती पर स्वर्ग होगा..
जब बेटी बहु में फर्क नहीं रती भर होगा....रामेश्वरी .......समाज की इक sankiran सोच ..जिससे सभी स्त्रियों को उभरना चाहिए...तभी घर स्वर्ग बनते हैं......स्त्रियों पर अत्याचार पहले स्त्री ही करती है..पुरुष नहीं...
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