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Tuesday, November 22, 2011

चाँद को दिखे ना चांदनी...
सूर्य को दिखे ना उसका तेज..

गुण अपने बहने दो..
अवगुण अपने सहेज सके तो सहेज .....

स्त्री रूप सरस्वती स्त्री रूप लक्ष्मी ...
यही रूप सर्वोतम है, यही समझ दहेज़...रामेश्वरी

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