aaj dilphenk aashik ban kar roohani huwaa jaata hoon
गरीब हूँ लाचार हूँ,
पर तलबगार नहीं हूँ,
चर्चे है तेरी अमीरी के सरे आम,
चुरा लूं दिल वो एक महबूब हूँ,
मै कोई चोर ,झपट - मार नहीं हूँ,
तेरे हुस्न की बिजलियों में झुलसा हूँ,
तुझे गलतफहमी है, मै कोई बीमार नहीं हूँ,
हाँ कबूल है ,तुझसे बे इन्तहा मुहब्बत है,
खता है मेरी, लेकिन गुनाहगार नहीं हूँ,
तेरे गुनाहों की माफ़ी के लिए सर पे काँटों का ताज है पहना,
चलता हूँ तेरी गली में अपनी सलीब लेकर ,
मै किसी क़त्ल में गिरफ्तार नहीं हूँ,
तुझे देख लूं एक पल की सांस निकले ,
अभी ज़िंदा हूँ, जहाँ तू आएगी चादर लेके अभी वो मज़ार नहीं हूँ,
thanks
deepak
गरीब हूँ लाचार हूँ,
पर तलबगार नहीं हूँ,
चर्चे है तेरी अमीरी के सरे आम,
चुरा लूं दिल वो एक महबूब हूँ,
मै कोई चोर ,झपट - मार नहीं हूँ,
तेरे हुस्न की बिजलियों में झुलसा हूँ,
तुझे गलतफहमी है, मै कोई बीमार नहीं हूँ,
हाँ कबूल है ,तुझसे बे इन्तहा मुहब्बत है,
खता है मेरी, लेकिन गुनाहगार नहीं हूँ,
तेरे गुनाहों की माफ़ी के लिए सर पे काँटों का ताज है पहना,
चलता हूँ तेरी गली में अपनी सलीब लेकर ,
मै किसी क़त्ल में गिरफ्तार नहीं हूँ,
तुझे देख लूं एक पल की सांस निकले ,
अभी ज़िंदा हूँ, जहाँ तू आएगी चादर लेके अभी वो मज़ार नहीं हूँ,
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