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Monday, April 29, 2013

मैं मांगता हूँ ।

मैं हर फ़िज़ूल कानून का उल्लंघन मांगता हूँ । 

मैं अपने देश, चैन ओ अमन मांगता हूँ ॥ 

हर फूल मुस्कुराएँ जहाँ,  वो चमन मांगता हूँ ॥ 

हर रोंदने वाले पैरों का, मैं दमन मांगता हूँ ॥ 

हर फूल बचा लूं,  मैं दोनों हाथ लोहे के कंगन मांगता हूँ ॥ रामेश्वरी 

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