मैं हर फ़िज़ूल कानून का उल्लंघन मांगता हूँ ।
मैं अपने देश, चैन ओ अमन मांगता हूँ ॥
हर फूल मुस्कुराएँ जहाँ, वो चमन मांगता हूँ ॥
हर रोंदने वाले पैरों का, मैं दमन मांगता हूँ ॥
हर फूल बचा लूं, मैं दोनों हाथ लोहे के कंगन मांगता हूँ ॥ रामेश्वरी
मैं अपने देश, चैन ओ अमन मांगता हूँ ॥
हर फूल मुस्कुराएँ जहाँ, वो चमन मांगता हूँ ॥
हर रोंदने वाले पैरों का, मैं दमन मांगता हूँ ॥
हर फूल बचा लूं, मैं दोनों हाथ लोहे के कंगन मांगता हूँ ॥ रामेश्वरी
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