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Tuesday, October 18, 2011

मुझे भी प्रसिद्ध होना है....मुझे भी प्रसिद्ध होना है..
मुझे भी टीवी में आना है, चेहरा अपना वहां दिखलाना है

आजकल तो जूते खाना और मारना इक फैशन है....
आसान तरीका ही सही..पर इस बात में वज़न है ...

मारूं किसको यह करना चुनाव है...
किस पर लगाना अपना सीधा दाँव है...

इतनी महंगाई में जूता मेरा महंगा है...
पर प्रसिद्ध होना है यही इक पंगा है ....

कहीं वो हमसे सरकारी गरीब ना हो...
हम मारे एक चाह उसे दुसरे की भी ना हो...

उसका तो जोड़ा बन जाएगा....
पर मेरे जैसा 32Rs सम्पति का अमीर...
बिना जूता मारा जाएगा......(रामेश्वरी)

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