हम दोनों में फर्क बस इतना है ..
वो कबीर जैसे ..मैं कबीर ऐ रंग ..
वो चाँद जैसे मैं रौशनी उसके संग ..
गर वो पतन मैं डोर डोर संग ...
वो कनक स्वर्णिम हैं, मैं सिर्फ कनक ..
वो गर संगीत हैं, मैं सिर्फ इक खनक ...
प्यार सिर्फ एहसास है..
गुण अवगुण देखे नहीं...
जो देखे गुण उसे प्यार मिला नहीं..
जहाँ सच्ची प्रीत मिले उसे अपना लो..
धन दौलत हाथ का मैल है धो डालो...
(रामेश्वरी
वो कबीर जैसे ..मैं कबीर ऐ रंग ..
वो चाँद जैसे मैं रौशनी उसके संग ..
गर वो पतन मैं डोर डोर संग ...
वो कनक स्वर्णिम हैं, मैं सिर्फ कनक ..
वो गर संगीत हैं, मैं सिर्फ इक खनक ...
प्यार सिर्फ एहसास है..
गुण अवगुण देखे नहीं...
जो देखे गुण उसे प्यार मिला नहीं..
जहाँ सच्ची प्रीत मिले उसे अपना लो..
धन दौलत हाथ का मैल है धो डालो...
(रामेश्वरी
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