मय, और मयखाना मिटा दिया, सब जालिमों ने ...
मेरे पीने की वज़ह भी, बनकर मेरा मिटा देता कोई.....
पूछता सबब पीने का मेरे, प्रेम प्याला भर देता कोई....रामेश्वरी
मेरे पीने की वज़ह भी, बनकर मेरा मिटा देता कोई.....
पूछता सबब पीने का मेरे, प्रेम प्याला भर देता कोई....रामेश्वरी
waah bahut khoob sakhi
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