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Tuesday, June 5, 2012

धन पूजे है...
रति पुजारी कोई...
पूजूं ईमान ....

तंगहाली है...
चहुँ और कंगाली ...
भूख फैली है...

आंख के अंधे ...
स्वार्थ का चश्मा चढ़ा ...
सावन देखें ........

देश महान ....
बेईमान महान ..
घूमें जापान ......

जनता रोये..
कहाँ उम्मीद बोये...
ईमान सोये....................रामेश्वरी (हायकू विधि) इक कोशिश मात्र

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