मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
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Monday, October 29, 2012
आये न कोई ख्वाबों में, लो हमने खुली आँखें मूंद लीं ।
बंद थे द्वार नैन के, देख किसी ने नयी दुनिया ढूंढ ली ।।।
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