मन का हिलोर
आम शब्दों में, आम इंसान की, कुछ आम सी भावनाएं ।
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Thursday, October 25, 2012
बूँद2 ने भरा सागर, सागर में तन्हाई नहीं होती ।
तन्हाई का आलम पूछो, सीप में तनहा कैसा है मोती ।। रामेश्वरी ..
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